Saturday, September 27, 2014

क्या आप बिना सोये रातें गुजारते है ?

क्या आप बिना सोये रातें गुजारते है ?
उत्तर : लाल सूती कपड़े में 2 किलो सौंफ अपने
बेड रूम में रखें, दो किलो सफेद गुड़ लाल कपड़े में रखे। अपने
सिरहाने पानी रखें और इस
पानी को पेड़ पर बहा दे.
कभी भी इस
पानी को पीएं नहीं। सोते
समय कभी भी अपना सिर पूर्व और
उत्तरी दिशा की तरफ न रखें।
तीन-तीन केले 43 दिनों तक मंदिर में
दान करें, कुत्ते की सेवा करें। अपने गले में केतु
मध्यम यंत्र अवश्य पहनें और यदि आपके कमर या पैरों में
दर्द है तो अपने बाएं हाथ की तरफ सोना शुरू
कर दें।

बुध

बुध जब छठे भाव में हो तो मीठा बनकर लूटने में
माहिर होता है,तीसरे भाव में हो तो बाते बनाने में
माहिर
होता है,वक्री हो या मार्गी हो वह
अपनी आदत को नहीं बदलता है,बात
बनाने के साथ बातो के रूप में ही वह धनवान
होता है जब बुध का स्थान दूसरे भाव में
हो,तीजा अपने को बात वाला बनकर दिखाने में माहिर
होता है कानूनी रूप से
बातो को करता है,चौथा कही हुई बात को मन में
रखकर चलने वाला होता है और जो बात मन में रखकर चलता है
उस बात की एवज में कब घात कर दे कोई
पता नहीं होता है,माता से
भी बनिया व्यवहार कर
सकता है,हंसी करके मखौल करके चुटकुले सुनाकर
लूटने में पंचम
को माना जाता है,छठा तो मीठा होता ही है,सातवा अगर
स्त्री है तो उसे भाई जैसे पुरुष के साथ और पुरुष
है तो बहिन जैसी स्त्री के साथ घराने
बनाकर रहने में कोई संकोच
नहीं होता है,आठवा जो भी कहेगा वह
सौ में एक
ही सच्ची होगी,नवा कब
भाग्य को एन वक्त पर पलट दे कोई
पता नहीं होता है दसवा हुकुम देकर काम करवाने
वाला होता है ग्यारहवा भाई की औलाद को प्यार देने
वाला होता

राशि के अनुसार करें पेड़-पौधों को जल अर्पित

निम्न उपाय करने से आपकी कुंडली के
सभी दोषों का निवारण हो जाएगा।
अपनी राशि के अनुसार करें पेड़-पौधों को जल अर्पित
_________________________________
1 मेष अथवा वृश्चिक राशि से संबंध रखते हैं तो खैर पर जल
अर्पित करें।
2 वृषभ अथवा तुला राशि से संबंध रखते हैं तो गूलर पर जल
अर्पित करें।
3 मिथुन अथवा कन्या राशि से संबंध रखते हैं तो अपामार्ग पर
जल अर्पित करें।
4 कर्क राशि से संबंध रखते हैं तो पलाश पर जल अर्पित करें।
5 सिंह राशि से संबंध रखते हैं तो आंकड़े के पौधे पर जल
अर्पित करें।
6 धनु अथवा मीन राशि से संबंध रखते हैं
तो पीपल पर जल अर्पित करें।
7 मकर अथवा कुंभ राशि से संबंध रखते हैं
तो शमी पर जल अर्पित करें।
इसके अलावा अन्य वृक्ष जैसे नीम, बरगद,
बेलपत्र, अशोक, चंदन, आम
आदि की भी पूजा की जाती है
या इनके फल, पत्ते, तने को पूजा में शामिल किया जाता

Thursday, September 25, 2014

कुलदेवी कृपा प्राप्ति साधना

कुलदेवी कृपा प्राप्ति साधना
कुलदेवी सदैव हमारी कुल
कि रक्षा करती है,हम पर चाहे
किसी भी प्रकार कि कोई
भी बाधाये आने वाली हो तो सर्वप्रथम
हमारी सबसे
ज्यादा चिंता उन्हेही ही होती है.कुलदेवी कि कृपा से
कई जीवन के येसे कार्य है जिनमे पूर्ण
सफलता मिलती है.
कई लोग येसे है जिन्हें
अपनी कुलदेवी पता ही नहीं और
कुछ येसे भी है जिन्हें
कुलदेवी पता है परन्तु
उनकी पूजा या फिर
साधना पता नहीं है.तो येसे समय यह
साधना बड़ी ही उपयुक्त है.यह
साधना पूर्णतः फलदायी है और गोपनीय
है.यह दुर्लभ विधान
मेरी प्यारी गुरुभाई/बहन कि लिए आज
सदगुरुजी कि कृपा से हम सभी के लिये.
इस साधना के माध्यम से घर मे क्लेश चल
रही हो,कोई
चिंता हो,या बीमारी हो,धन
कि कमी,धन का सही तरह से
इस्तेमाल न हो,या देवी/देवतओं कि कोई
नाराजी हो तो इन सभी समस्या ओ के
लिये कुलदेवी साधना सर्वश्रेष्ट साधना है.
सामग्री :-३ पानी वाले नारियल,लाल
वस्त्र ,९ सुपारिया ,८ या १६ शृंगार कि वस्तुये ,खाने कि ९ पत्ते ,३
घी कि दीपक,कुंकुम ,हल्दी ,सिंदूर ,मौली ,तिन
प्रकार कि मिठाई .
साधना विधि :-
सर्वप्रथम नारियल कि कुछ जटाये निकाले और कुछ बाकि रखे फिर
एक नारियल को पूर्ण सिंदूर से रंग दे दूसरे
को हल्दी और तीसरे नारियल को कुंकुम
से,फिर ३ नारियल को मौली बांधे .
किसी बाजोट पर लाल वस्त्र बिछाये ,उस पर ३ नारियल
को स्थापित कीजिये,हर नारियल के सामने ३ पत्ते
रखे,पत्तों पर १-१ coin रखे और coin कि ऊपर
सुपारिया स्थापित कीजिये.फिर गुरुपूजन और
गणपति पूजन संपन्न कीजिये.
अब ज्यो पूजा स्थापित कि है उन
सबकी चावल,कुंकुम,हल्
दी,सिंदूर,जल ,पुष्प,धुप और दीप से
पूजा कीजिये.जहा सिन्दूर वाला नारियल है वह सिर्फ
सिंदूर ही चढ़े बाकि हल्दी कुंकुम
नहीं इस प्रकार से पूजा करनी है,और
चावल भी ३ रंगों मे ही रंगाने है,अब ३
दीपक स्थापित कर दीजिये.और कोई
भी मिठाई किसी भी नारियल के
पास चढादे .साधना समाप्ति के बाद प्रसाद परिवार मे
ही बाटना है.शृंगार पूजा मे
कुलदेवी कि उपस्थिति कि भावना करते हुये चढादे और
माँ को स्वीकार
करनेकी विनती कीजिये.
और लाल मूंगे कि माला से ३ दिन तक ११ मालाये मंत्र जाप रोज
करनी है.यह साधना शुक्ल पक्ष कि १२,१३,१४
तिथि को करनी है.३ दिन बाद
सारी सामग्री जल मे परिवार के कल्याण
कि प्रार्थना करते हुये प्रवाहित कर दे.
मंत्र :-
|| ओम
ह्रीं श्रीं कुलेश्वरी प्रसीद
- प्रसीद ऐम् नम : ||
साधना समाप्ति के बाद सहपरिवार आरती करे
तो कुलेश्वरी कि कृपा और बढती है.

मिट्टी का घड़ा कर सकता हैं गरीबी को दूर

मिट्टी का घड़ा कर सकता हैं
गरीबी को दूर
मिट्टी के दो घड़े लें। एक घडे़ में
सवा किलो हरी मूंग की दाल दूसरे घडे़
में सवा किलो नमक भर दें। इन दोनों घड़ों को घर में रख दें। यह
उपाय बुधवार को करें। धन की वृद्धि होने
लगेगी।
पके हुए मिट्टी के घड़े को लाल रंग से रंगकर उसके
मुख पर लाल रंग का पचरंगी नाड़ा बांधकर जटा वाले
नारियल को उसके मुख पर रखकर नदी के जल में
प्रवाहित कर दें। सुख
समृद्धि की प्राप्ति होगी। यह उपाय
बुधवार को करें।
मिट्टी का एक छोटा सा कलश लें। इसमें कुछ रूपये
सिक्के रखकर सोने और
चांदी का छोटा सा टुकड़ा डालकर लाल कपड़े से मुंह
बांधकर अपने घर के उत्तर पश्चिम दिशा वाले कोण में रखें।
यह उपाय आमदनी में वृद्धि करायेगा। यदि ये
टोटका दुकान पर किया जाए तो दुकान चल
निकलेगी अर्थात् पैसे की आवक-जावक
होने लगेगी।