Monday, April 14, 2014

बांझ योग

मां बनना हर स्त्री का सपना होता है, लेकिन कुछ महिलाओं को यह सुख नहीं मिल पाता या देर से मिलता है। ज्योतिष अनुसार जिस महिला की कुंडली में बांझ योग होता है, वह मातृत्व से वंचित हो सकती है। यहां जानिए- - क्या होता है बांझ योग? - स्त्री की कुंडली में कैसी ग्रह स्थिति होती है जिससे मां बनने में परेशानियां आती हैं? - इस प्रकार के अशुभ योगों से बचने के ज्योतिषीय उपाय...
- यदि किसी स्त्री की कुंडली में जब पंचम भाव का स्वामी सप्तम में तथा सप्तमेश यानी सप्तम भाव का स्वामी सभी क्रूर ग्रहों से युक्त हो तो बांझ योग बनता है। - यदि किसी स्त्री की कुंडली का पंचम भाव बुध से पीडि़त हो या कुंडली के सप्तम भाव में शत्रु राशि या नीच का बुध हो तो स्त्री संतान उत्पन्न करने में असमर्थ हो सकती है। - यदि किसी स्त्री की कुंडली के पंचम भाव में राहु हो और उस पर शनि की दृष्टि हो, सप्तम भाव पर मंगल और केतु की नजर हो तथा शुक्र अष्टमेश हो तो संतान पैदा करने में समस्याएं उत्पन्न होती हैं। - किसी महिला की कुंडली के सप्तम भाव में यदि सूर्य नीच का हो अथवा शनि नीच का हो तो संतान प्राप्ति में समस्याएं आती हैं। इस प्रकार के अशुभ योगों से बचने के लिए ये उपाय करें- - हरिवंश पुराण का पाठ करें। - गोपाल सहस्रनाम का पाठ करें। - कुंडली के पंचम-सप्तम स्थान पर स्थित क्रूर ग्रह का उपचार कराएं। - दूध का सेवन करें

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