पढ़ाई में कॉनसन्ट्रेशन बढ़ाने के लिए वास्तु :
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आपके बच्चे का पढ़ाई-लिखाई में मन नहीं लगता?
हो सकता है आपके में कहीं न
कहीं से नकारात्मक ऊर्जा आ
रही हो। पढ़ाई में कॉनसन्ट्रेशन बढ़ाने, याददाश्त
बढ़ाने के लिए इन साधारण वास्तु टिप्स को फॉलो करें। शायद
आपकी चिंता दूर हो जाए...
कैसा हो स्टडी टेबल : स्टडी टेबल
रेग्युलर शेप का होना चाहिए। यानी टेबल आयताकार,
वर्गाकार या गोलाकार होना चाहिए। टेबल का आंकार आड़ा-
तिरछा होगा तो बच्चा कॉनसन्ट्रेट नहीं कर पाएगा,
कन्फ्यूज्ड रहेगा। टेबल के कोने कटे हुए
नहीं होने चाहिए।
टेबल की दिशा : उत्तरी दिशा से आने
वाली ऊर्जा सकारात्मक होती है। पढ़ते
समय बच्चे का चेहरा उत्तर की ओर होना चाहिए।
ऐसा करने से थकान नहीं होती और
कॉनसन्ट्रेशन बना रहता है। इस दिशा को ब्लॉक न करें, घर के
अंदर इस दिशा से एनर्जी को आने दें।
सॉलिड बैक : जब आप पढ़ने के लिए बैठते हैं
आपकी पीठ के पीछे
दीवार होनी चाहिए। पीठ के
पीछे कोई खिड़की या ओपनिंग
आपको एनर्जी सपोर्ट तो देती है लेकिन
कॉनसन्ट्रेशन भंग करती है।
कोई बाधा न हो : पढ़ाई करते समय बच्चे के सामने से ऊर्जा के
प्रवाह में कोई
बाधा नहीं पड़नी चाहिए। सामने
करीब 7-8 फीट का स्पेस होना चाहिए।
स्टडी टेबल को दीवार से सटाकर
नहीं रखना चाहिए। टेबल पर ही बड़ा-
सा बुकशेल्फ न बनाएं।
स्डडी रूम व्यवस्थित रखें :
पुरानी किताबें, नोट्स, मेल्स,
स्टेशनरी सभी स्टडी रूम से
बाहर करें। रोज़ाना स्टडी रूम को साफ करने
की आदत डाल लें।
कलर : लेमन यलो और वॉयलेट कलर मेमरी और
कॉनसन्ट्रेशन बढ़ाने में मददगार होते हैं। दीवारों और
टेबल-कुर्सी के लिए इन रंगों का इस्तेमाल
अच्छा रहेगा।
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आपके बच्चे का पढ़ाई-लिखाई में मन नहीं लगता?
हो सकता है आपके में कहीं न
कहीं से नकारात्मक ऊर्जा आ
रही हो। पढ़ाई में कॉनसन्ट्रेशन बढ़ाने, याददाश्त
बढ़ाने के लिए इन साधारण वास्तु टिप्स को फॉलो करें। शायद
आपकी चिंता दूर हो जाए...
कैसा हो स्टडी टेबल : स्टडी टेबल
रेग्युलर शेप का होना चाहिए। यानी टेबल आयताकार,
वर्गाकार या गोलाकार होना चाहिए। टेबल का आंकार आड़ा-
तिरछा होगा तो बच्चा कॉनसन्ट्रेट नहीं कर पाएगा,
कन्फ्यूज्ड रहेगा। टेबल के कोने कटे हुए
नहीं होने चाहिए।
टेबल की दिशा : उत्तरी दिशा से आने
वाली ऊर्जा सकारात्मक होती है। पढ़ते
समय बच्चे का चेहरा उत्तर की ओर होना चाहिए।
ऐसा करने से थकान नहीं होती और
कॉनसन्ट्रेशन बना रहता है। इस दिशा को ब्लॉक न करें, घर के
अंदर इस दिशा से एनर्जी को आने दें।
सॉलिड बैक : जब आप पढ़ने के लिए बैठते हैं
आपकी पीठ के पीछे
दीवार होनी चाहिए। पीठ के
पीछे कोई खिड़की या ओपनिंग
आपको एनर्जी सपोर्ट तो देती है लेकिन
कॉनसन्ट्रेशन भंग करती है।
कोई बाधा न हो : पढ़ाई करते समय बच्चे के सामने से ऊर्जा के
प्रवाह में कोई
बाधा नहीं पड़नी चाहिए। सामने
करीब 7-8 फीट का स्पेस होना चाहिए।
स्टडी टेबल को दीवार से सटाकर
नहीं रखना चाहिए। टेबल पर ही बड़ा-
सा बुकशेल्फ न बनाएं।
स्डडी रूम व्यवस्थित रखें :
पुरानी किताबें, नोट्स, मेल्स,
स्टेशनरी सभी स्टडी रूम से
बाहर करें। रोज़ाना स्टडी रूम को साफ करने
की आदत डाल लें।
कलर : लेमन यलो और वॉयलेट कलर मेमरी और
कॉनसन्ट्रेशन बढ़ाने में मददगार होते हैं। दीवारों और
टेबल-कुर्सी के लिए इन रंगों का इस्तेमाल
अच्छा रहेगा।
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