Friday, April 18, 2014

क्या आपको पता है कि आखिर क्या वजह है जो महिलाएं नारियल नहीं फोड़ती हैं

क्या आपको पता है कि आखिर क्या वजह है जो महिलाएं
नारियल नहीं फोड़ती हैं?
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आपको पता होगा की कोई भी होम हो,
कथा हो पूजा हो या फिर विवाह हो नारियल की पूर्ण
आहुति के बिना संपन्न नहीं होता है। नारियल
फोड़ते समय आपने देखा होगा कि नारियल हमेशा पुरुष
ही फोड़ते हैं महिलाएं नहीं|
आपको बता दें कि नारियल ऊपर से जितना कठोर होता है अंदर से
उतना मुलायम। नारियल को श्रीफ
भी कहा जाता है। पूजा में हम भगवान
को श्रीफल अर्पित करते हैं। नारियल तोड़ने का कारण
अनिष्ट शक्तियों के संचार पर अंकुश लगाना उन्हें प्रसन्न करना।
इसलिए प्रथम नारियल फोडकर स्थान देवता का आवाहन कर
वहां की स्थानीय अनिष्ट
शक्तियों को नियंत्रित करने की उनसे
प्रार्थना की जाती है।
प्रार्थना द्वारा स्थान देवता के आवाहन से
उनकी कृपा स्वरूप नारियल-जल के माध्यम से स्थान
देवता की तरंगें सभी दिशाओं में
फैलती हैं। इससे कार्यस्थल में प्रवेश करने
वाली कष्टदायी स्पंदनों की गति पर
अंकुश लगाना संभव होता है।
माना जाता है इससे उस परिसर में स्थान-
देवता की सूक्ष्म-तरंगोंका मंडल तैयार होता है व
समारोह निर्विघ्न संपन्न होता है। नारियल का एक उपयोग
देवी या देवता के स्थान पर फोड़ने में होता है, फोड़ने
में ऎसी कुशलता होनी चाहिए चाहिए
कि रस छलककर पूरा का पूरा देवता के चरणों पर पड़े,
कहीं अन्यत्र नहीं। अब
आपको बता दें कि आखिर क्या वजह है कि महिलाएं नारियल
क्यों नहीं फोड़ती हैं| नारियल
बीज रूप है, इसलिए इसे प्रजनन क्षमता से
जोड़ा गया है। स्त्रियां प्रजनन की कारक हैं और
इसी वजह से स्त्रियों के लिए बीज रूप
नारियल को फोडऩा वर्जित किया गया है। इसके साथ
ही नारियल बलि का प्रतीक है और
बलि पुरुषों द्वारा ही दी जाती है।
इस कारण से भी महिलाओ द्वारा नारियल
नहीं फोड़ा जाता है।

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