कम ही लोगों को पता है शिवपुराण में बताए
बिल्वपत्र के ये अचूक उपाय -----
वेद, प्रकृति रूप ईश्वर की अपार महिमा व
शक्तियां उजागर करते हैं। धर्मग्रंथों में वेद भगवाव शिव
का स्वरूप भी पुकारे गए हैं।
यानी प्रकृति का कण-कण शिव रूप
ही माना गया है।
इसी कड़ी में बिल्व वृक्ष साक्षात शिव
का ही रूप माना गया है।
शिवपुराण में तो बिल्ववृक्ष की जड़ में
सभी तीर्थस्थान माने गए हैं। इसलिए
बिल्ववृक्ष की पूजा शिव
उपासना ही मानकर कई देवताओं
की पूजा का पुण्य देने
वाली मानी गई है। खासतौर पर हिन्दू
धर्म परंपराओं में महाशिवरात्रि (10 मार्च) को भगवान शिव
की उपासना की शुभ घड़ी में
बिल्ववृक्ष पूजा के कई अचूक उपाय सांसारिक जीवन
की कई इच्छाओं को पूरा करने वाले माने गए हैं।
जानिए शिवपुराण में बताए बिल्ववृक्ष पूजा के ये खास उपाय किन-
किन मुरादों को पूरा करते हैं-
- बिल्ववृक्ष के नीचे शिवलिंग पूजा से
सभी मनोकामना पूरी होती है।
- बिल्व की जड़ का जल अपने सिर पर लगाने से
उसे
सभी तीर्थों की यात्रा का पुण्य
पा जाता है।
- गंध, फूल, धतूरे से जो बिल्ववृक्ष की जड़
की पूजा करता है, उसे संतान और
सभी सुख मिल जाते हैं।
- बिल्ववृक्ष के बिल्वपत्रों से पूजा करने पर
सभी पापों से मुक्त हो जाते हैं।
- बिल्व की जड़ के पास किसी शिव
भक्त को घी सहित अन्न या खीर दान
देता है, वह
कभी भी धनहीन या दरिद्र
नहीं होता। क्योंकि यह श्रीवृक्ष
भी पुकारा जाता है। यानी इसमें
देवी लक्ष्मी का भी वास
होता है।
बिल्वपत्र के ये अचूक उपाय -----
वेद, प्रकृति रूप ईश्वर की अपार महिमा व
शक्तियां उजागर करते हैं। धर्मग्रंथों में वेद भगवाव शिव
का स्वरूप भी पुकारे गए हैं।
यानी प्रकृति का कण-कण शिव रूप
ही माना गया है।
इसी कड़ी में बिल्व वृक्ष साक्षात शिव
का ही रूप माना गया है।
शिवपुराण में तो बिल्ववृक्ष की जड़ में
सभी तीर्थस्थान माने गए हैं। इसलिए
बिल्ववृक्ष की पूजा शिव
उपासना ही मानकर कई देवताओं
की पूजा का पुण्य देने
वाली मानी गई है। खासतौर पर हिन्दू
धर्म परंपराओं में महाशिवरात्रि (10 मार्च) को भगवान शिव
की उपासना की शुभ घड़ी में
बिल्ववृक्ष पूजा के कई अचूक उपाय सांसारिक जीवन
की कई इच्छाओं को पूरा करने वाले माने गए हैं।
जानिए शिवपुराण में बताए बिल्ववृक्ष पूजा के ये खास उपाय किन-
किन मुरादों को पूरा करते हैं-
- बिल्ववृक्ष के नीचे शिवलिंग पूजा से
सभी मनोकामना पूरी होती है।
- बिल्व की जड़ का जल अपने सिर पर लगाने से
उसे
सभी तीर्थों की यात्रा का पुण्य
पा जाता है।
- गंध, फूल, धतूरे से जो बिल्ववृक्ष की जड़
की पूजा करता है, उसे संतान और
सभी सुख मिल जाते हैं।
- बिल्ववृक्ष के बिल्वपत्रों से पूजा करने पर
सभी पापों से मुक्त हो जाते हैं।
- बिल्व की जड़ के पास किसी शिव
भक्त को घी सहित अन्न या खीर दान
देता है, वह
कभी भी धनहीन या दरिद्र
नहीं होता। क्योंकि यह श्रीवृक्ष
भी पुकारा जाता है। यानी इसमें
देवी लक्ष्मी का भी वास
होता है।
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