Thursday, August 7, 2014

धन की कामना है तो इस दिशा में मुंह रख बोलें

धन की कामना है तो इस दिशा में मुंह रख बोलें
मंत्र----दुर्लभ मंत्र, जिसके जाप से आपके सभी कार्य
पूरे हो जाएंगे. और सभी कष्ट अपने आप दूर
हो जाएंगे.
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देव या इष्ट सिद्धि के लिए मंत्र जप का विशेष महत्व है। मंत्र जप
न केवल कामनापूर्ति के श्रेष्ठ साधन है, बल्कि यह
देवीय व आध्यात्मिक शक्तियों द्वारा मन व
शरीर को ऊर्जावान, एकाग्र व संयमशील
भी बनाते हैं। जिसका लाभ चरित्र, स्वभाव और व्यवहार
में अनुशासन व अच्छे बदलावों के रूप में प्राप्त होता है।
बहरहाल, मंत्र जप के सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति के
नजरिए से बात करें तो शास्त्रों में अलग-अलग आठ दिशाओं में मुख
कर देव विशेष के मंत्र जप से विशेष फल प्राप्ति के बारे में
बताया गया है। जानते हैं किस दिशा में मुंह करके जप करने से कौन-
सा फल मिलता है -
- सामान्य तौर पर उत्तर या पूर्व दिशा में मुंह कर
किसी भी मंत्र जप के लिए शुभ है।
- विशेष इच्छाओं के संदर्भ में पूर्व दिशा की ओर मुंह
कर मंत्र जप से वशीकरण सिद्ध होता है।
- पश्चिम दिशा की ओर मुंह कर मंत्र जप धन, वैभव व
ऐश्वर्य कामना को पूरी करता है।
- उत्तर दिशा की ओर मुख कर मंत्र जप से सुख-
शांति मिलती है।
- दक्षिण दिशा में मुंह कर मंत्र जप मारण
सिद्धी देता है।
- उत्तर-पश्चिम यानी वायव्य दिशा की ओर
मुख कर जप शत्रु व विरोधियों का नाश,
- उत्तर-पूर्व यानी ईशान दिशा में मुंह कर मंत्र जप
ज्ञान,
- दक्षिण-पूर्व यानी आग्रेय दिशा में मुख कर मंत्र जप
आकर्षण, सौंदर्य कामना और,
- दक्षिण-पश्चिम यानी नैऋत्य दिशा में मुख कर मंत्र
जप पवित्र विचार व दर्शन की कामना को पूरा करता है।
हमारे वेदों एवं ग्रंथों में अनेक प्रकार के मंत्र बताए गए है. जिसके
मनन या चिंतन करने मात्र से हम अपने मन की हर
इच्छा को पूरी कर सकते है.
आज हम आपको दुर्गा सप्तशती का ऐसा दुर्लभ मंत्र
बता रहे है जिसके जपने मात्र से सभी प्रकार के
कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा धन धान्य, सुख संपदा,
संतान (पुत्र संतान) इन सब
की प्राप्ति होती है.
| मंत्र |
सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्यं सुतान्वितः ॥
मनुष्योमत प्रसादेन भविष्यति न संशयः ॥

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