Tuesday, April 15, 2014

हनुमान जयंती पर आजमाएं ये टोटके

हनुमान जयंती पर विशिष्ट संयोग---------
हनुमान जयंती पर आजमाएं ये टोटके-
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हनुमान जयंती पर विशिष्ट संयोग
पवनपुत्र हनुमान का जन्मोत्सव पर इस बार विशेष संयोग बन
रहा है। इस दिन संकटमोचन वीर हनुमान
जी का जन्मदिन व तिथि एक साथ मिलने से विशेष
संयोग माना जा रहा है। ऎसा संयोग 1946 के बाद
10वीं बार बन रहा है, जब हनुमान
जयंती मंगलवार को मनाई जाएगी।
पिछली बार ऎसा संयोग 30 मार्च 2010 को बना था।
मारूतिनंदन को चोला चढाने से जहां सकारात्मक
ऊर्जा मिलती है वहीं बाधाओं से
मुक्ति भी मिली है।
हनुमानजी को भक्ति और शक्ति का बेजोड संगम
बताया गया है। भगवान शिव के आठ रूद्रावतारों में एक हैं हनुमान
जी।
मान्यता है कि नरक
चतुर्दशी यानी कार्तिक कृष्ण
चतुदर्शी के दिन हनुमान जी का जन्म
हुआ था। भगवान राम त्रेतायुग में धर्म
की स्थापना करके पृथ्वी से अपने लोक
बैकुण्ठ चले गये लेकिन धर्म की रक्षा के लिए
हनुमान को अमरता का वरदान दिया। इस वरदान के कारण हनुमान
जी आज भी जीवित हैं
और भगवान के भक्तों और धर्म की रक्षा में लगे
हुए हैं।
हनुमान जी के जीवित होने के प्रमाण
समय-समय पर प्राप्त होते रहें जो इस बात को प्रमाणित
करता है कि हनुमान जी आज
भी जीवित हैं।
16वी सदी के महान संत
कवि तुलसीदास जी को हनुमान
की कृपा से राम जी के दर्शन प्राप्त
हुए। कथा है कि हनुमान जी ने
तुलसीदास जी से कहा था कि राम और
लक्ष्मण चित्रकूट नियमित आते रहते हैं। मैं वृक्ष पर
तोता बनकर बैठा रहूंगा जब राम और लक्ष्मण आएंगे मैं
आपको संकेत दे दूंगा।
हनुमान जी की आज्ञा के अनुसार
तुलसीदास जी चित्रकूट घाट पर बैठ गये
और सभी आने जाने वालों को चंदन लगाने लगे। राम
और लक्ष्मण जब आये तो हनुमान जी गाने लगे
"चित्रकूट के घाट पै, भई संतन के भीर।
तुलसीदास चंदन घिसै, तिलक देत
रघुबीर।।" हनुमान के यह वचन सुनते
ही तुलसीदास प्रभु राम और लक्ष्मण
को निहारने लगे। इस प्रकार तुलसीदास को राम
जी के दर्शन हुए।
तुलसीदास की बढती हुई
कीर्ति से प्रभावित होकर अकबर ने एक बार
तुलसीदास जी को अपने दरबार में बुलाया।
तुलसीदास जी को अकबर ने कोई
चमत्कार दिखाने के लिए कहा, जिसे तुलसीदास
जी ने अस्वीकार कर दिया। क्रोधित
होकर अकबर ने तुलसीदास को जेल में डाल दिया।
जेल में तुलसीदास जी ने हनुमान
की आराधना शुरू कर दी।
इतने में चमत्कार यह हुआ कि बंदरों ने अकबर के महल पर
आक्रमण कर दिया। बंदरों के उत्पात से अकबर
भयभीत हो गया। अकबर को समझ में आ
गया कि तुलसीदास जी को जेल में डालने
के कारण हनुमान जी नाराज हो गये हैं। बंदरों के
उत्पात का कारण यही है। अकबर ने संत
तुलसीदास जी से
क्षमा मांगी और उन्हें जेल से मुक्त कर दिया।
तुलसीदास जी से पहले हनुमान
जी की मुलाकात त्रेतायुग में महाभारत
युद्घ से पहले पाण्डु पुत्र भीम से हुई
थी। भीम
की विनती पर युद्घ के समय हनुमान
जी ने पाण्डवों की सहायता करने
का आश्वासन दिया था। माना जाता है कि महाभारत युद्घ के समय
अर्जुन के रथ का ध्वज थाम कर महावीर हनुमान
बैठे थे। इसी कारण तीखे वाणों से
भी अर्जुन का रथ पीछे
नहीं होता था और संपूर्ण युद्घ के दौरान अर्जुन के
रथ का ध्वज लहराता रहा।
शास्त्रों का ऎसा मत है कि जहां भी राम
कथा होती है वहां हनुमान
जी अवश्य होते हैं। इसलिए हनुमान
की कृपा पाने के लिए श्री राम
की भक्ति जरूरी है। जो राम के भक्त
हैं हनुमान उनकी सदैव रक्षा करते हैं।
हनुमान जयंती के टोटके विशेष फल प्रदान करते
है। हनुमान जयंती का दिन
हनुमानजी और मंगल देवता की विशेष
पूजा का दिन होता है। यह टोटके हनुमान जयंती से
आरंभ कर प्रति मंगलवार को करने से मनोकामनाओं
की पूर्ती होती है।
व्यक्ति जब तरक्की करता है,
तो उसकी तरक्की से जल कर उसके
अपने ही उसके शत्रु बन जाते हैं और उसे
सहयोग देने के स्थान पर वही उसके मार्ग
को अवरूद्ध करने लग जाते हैं। ऎसे शत्रुओं से
निपटना अत्यधिक कठिन होता है।
हनुमान जयंती के दिन 11 पीपल के
पत्ते लें। उनको गंगाजल से अच्छी तरह धोकर लाल
चंदन से हर पत्ते पर 7 बार राम लिखें। इसके बाद हनुमान
जी के मन्दिर में चढा आएं तथा वहां प्रसाद बाटें और
इस मंत्र का जाप जितना कर सकते हो करें। "जय जय जय
हनुमान गोसाईं, कृपा करो गुरू देव की नांई"हनुमान
जयंती के बाद 7 मंगलवार इस मंत्र का लगातार जप
करें। प्रयोग गोपनीय रखें। आश्चर्यजनक धन लाभ
होगा। हनुमान जयंती का विशेष
टोटका बजरंगबली चमत्कारिक सफलता देने वाले
देवता माने गए हैं। हनुमान जयंती पर उनका यह
टोटका विशेष रूप से धन प्राçप्त के लिए किया जाता है।
साथ ही यह टोटका हर प्रकार का अनिष्ट
भी दूर करता है....
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-कच्ची धानी के तेल के
दीपक में लौंग डालकर हनुमान
जी की आरती करें। संकट
दूर होगा और धन भी प्राप्त होगा।
- अगर धन लाभ की स्थितियां बन
रही हो, किन्तु फिर भी लाभ
नहीं मिल रहा हो, तो हनुमान
जयंती पर गोपी चंदन
की नौ डलियां लेकर केले के वृक्ष पर टांग
देनी चाहिए। स्मरण रहे यह चंदन
पीले धागे से ही बांधना है।
-एक नारियल पर कामिया सिन्दूर, मौली, अक्षत
अर्पित कर पूजन करें। फिर हनुमान जी के मन्दिर
में चढा आएं। धन लाभ होगा।
- पीपल के वृक्ष की जड में तेल
का दीपक जला दें। फिर वापस घर आ जाएं एवं
पीछे मुडकर न देखें। धन लाभ होगा।

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