Saturday, May 10, 2014

घर में समृद्धि


॰ घर में समृद्धि लाने हेतु घर के उत्तरपश्चिम के कोण (वायव्य
कोण) में सुन्दर से मिट्टी के बर्तन में कुछ सोने-
चांदी के सिक्के, लाल कपड़े में बांध कर रखें। फिर
बर्तन को गेहूं या चावल से भर दें। ऐसा करने से घर में धन
का अभाव नहीं रहेगा।
॰ घर में स्थायी सुख-समृद्धि हेतु
पीपल के वृक्ष की छाया में खड़े रह
कर लोहे के बर्तन में जल, चीनी,
घी तथा दूध मिला कर पीपल के वृक्ष
की जड़ में डालने से घर में लम्बे समय तक सुख-
समृद्धि रहती है और लक्ष्मी का वास
होता है।
॰ घर में बार-बार धन
हानि हो रही हो तों वीरवार को घर के
मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़क कर गुलाल पर शुद्ध
घी का दोमुखी (दो मुख वाला)
दीपक जलाना चाहिए। दीपक जलाते
समय मन ही मन यह
कामना करनी चाहिए की भविष्य में घर में
धन हानि का सामना न करना पड़े´। जब दीपक शांत
हो जाए तो उसे बहते हुए पानी में
बहा देना चाहिए।
॰ काले तिल परिवार के सभी सदस्यों के सिर पर सात
बार उसार कर घर के उत्तर दिशा में फेंक दें, धनहानि बंद
होगी।
॰ घर की आर्थिक स्थिति ठीक करने के
लिए घर में सोने का चौरस सिक्का रखें। कुत्ते को दूध दें। अपने
कमरे में मोर का पंख रखें।
॰ अगर आप सुख-समृद्धि चाहते हैं, तो आपको पके हुए
मिट्टी के घड़े को लाल रंग से रंगकर, उसके मुख पर
मोली बांधकर तथा उसमें जटायुक्त नारियल रखकर
बहते हुए जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।
॰ अखंडित भोज पत्र पर 15 का यंत्र लाल चन्दन
की स्याही से मोर के पंख
की कलम से बनाएं और उसे सदा अपने पास रखें।
॰ व्यक्ति जब उन्नति की ओर अग्रसर होता है,
तो उसकी उन्नति से ईर्ष्याग्रस्त होकर कुछ उसके
अपने ही उसके शत्रु बन जाते हैं और उसे
सहयोग देने के स्थान पर वे
ही उसकी उन्नति के मार्ग को अवरूद्ध
करने लग जाते हैं, ऐसे शत्रुओं से निपटना अत्यधिक कठिन
होता है। ऐसी ही परिस्थितियों से
निपटने के लिए प्रात:काल सात बार हनुमान बाण का पाठ करें
तथा हनुमान जी को लड्डू का भोग लगाए¡ और पाँच
लौंग पूजा स्थान में देशी कर्पूर के साथ जलाएँ। फिर
भस्म से तिलक करके बाहर जाए¡। यह प्रयोग आपके
जीवन में समस्त शत्रुओं को परास्त करने में सक्षम
होगा, वहीं इस यंत्र के माध्यम से आप
अपनी मनोकामनाओं
की भी पूर्ति करने में सक्षम होंगे।
॰ कच्ची धानी के तेल के
दीपक में लौंग डालकर हनुमान
जी की आरती करें। अनिष्ट
दूर होगा और धन भी प्राप्त होगा।
॰ अगर अचानक धन लाभ की स्थितियाँ बन
रही हो, किन्तु लाभ नहीं मिल
रहा हो, तो गोपी चन्दन
की नौ डलियाँ लेकर केले के वृक्ष पर टाँग
देनी चाहिए। स्मरण रहे यह चन्दन
पीले धागे से ही बाँधना है।
॰ अकस्मात् धन लाभ के लिये शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार
को सफेद कपड़े के झंडे को पीपल के वृक्ष पर
लगाना चाहिए। यदि व्यवसाय में आकिस्मक व्यवधान एवं पतन
की सम्भावना प्रबल हो रही हो,
तो यह प्रयोग बहुत लाभदायक है।
॰ अगर आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हों, तो मन्दिर में केले के
दो पौधे (नर-मादा) लगा दें।
॰ अगर आप अमावस्या के दिन पीला त्रिकोण
आकृति की पताका विष्णु मन्दिर में ऊँचाई वाले स्थान
पर इस प्रकार लगाएँ कि वह लहराता हुआ रहे,
तो आपका भाग्य शीघ्र ही चमक उठेगा।
झंडा लगातार वहाँ लगा रहना चाहिए। यह अनिवार्य शर्त है।
॰ देवी लक्ष्मी के चित्र के समक्ष
नौ बत्तियों का घी का दीपक जलाए¡।
उसी दिन धन लाभ होगा।
॰ एक नारियल पर कामिया सिन्दूर, मोली, अक्षत
अर्पित कर पूजन करें। फिर हनुमान जी के मन्दिर
में चढ़ा आएँ। धन लाभ होगा।
॰ पीपल के वृक्ष की जड़ में तेल
का दीपक जला दें। फिर वापस घर आ जाएँ एवं
पीछे मुड़कर न देखें। धन लाभ होगा।
॰ प्रात:काल पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएँ
तथा अपनी सफलता की मनोकामना करें
और घर से बाहर शुद्ध केसर से स्वस्तिक बनाकर उस पर
पीले पुष्प और अक्षत चढ़ाए¡। घर से बाहर
निकलते समय दाहिना पाँव पहले बाहर निकालें।
॰ एक हंडिया में सवा किलो हरी साबुत मूंग
की दाल, दूसरी में
सवा किलो डलिया वाला नमक भर दें। यह दोनों हंडिया घर में
कहीं रख दें। यह क्रिया बुधवार को करें। घर में धन
आना शुरू हो जाएगा।
॰ प्रत्येक मंगलवार को 11 पीपल के पत्ते लें।
उनको गंगाजल से अच्छी तरह धोकर लाल चन्दन
से हर पत्ते पर 7 बार राम लिखें। इसके बाद हनुमान
जी के मन्दिर में चढ़ा आएं तथा वहां प्रसाद बाटें और
इस मंत्र का जाप जितना कर सकते हो करें। `जय जय जय
हनुमान गोसाईं, कृपा करो गुरू देव की नांई´ 7 मंगलवार
लगातार जप करें। प्रयोग गोपनीय रखें। अवश्य लाभ
होगा।
॰ अगर नौकरी में तरक्की चाहते हैं,
तो 7 तरह का अनाज चिड़ियों को डालें।
॰ ऋग्वेद (4/32/20-21) का प्रसिद्ध मन्त्र इस प्रकार है -
`ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र
दित्ससि। ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्।
आ नो भजस्व राधसि।।´ (हे लक्ष्मीपते ! आप
दानी हैं, साधारण
दानदाता ही नहीं बहुत बड़े
दानी हैं। आप्तजनों से सुना है कि संसारभर से निराश
होकर जो याचक आपसे प्रार्थना करता है
उसकी पुकार सुनकर उसे आप आर्थिक कष्टों से
मुक्त कर देते हैं – उसकी झोली भर
देते हैं। हे भगवान मुझे इस अर्थ संकट से मुक्त कर दो।)
निम्न मन्त्र को शुभमुहूर्त्त में प्रारम्भ करें। प्रतिदिन
नियमपूर्वक 5 माला श्रद्धा से भगवान् श्रीकृष्ण
का ध्यान करके, जप करता रहे -“ॐ
क्लीं नन्दादि गोकुलत्राता दाता दारिद्र्यभंजन।स
र्वमंगलदाता च सर्वकाम प्रदायक:। श्रीकृष्णाय नम:

॰ भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष भरणी नक्षत्र के
दिन चार घड़ों में पानी भरकर
किसी एकान्त कमरे में रख दें। अगले दिन जिस घड़े
का पानी कुछ कम हो उसे अन्न से भरकर प्रतिदिन
विधिवत पूजन करते रहें। शेष घड़ों के पानी को घर,
आँगन, खेत आदि में छिड़क दें। अन्नपूर्णा देवी सदैव
प्रसन्न रहेगीं।
किसी शुभ कार्य के लिए जाने से पहले
• रविवार को पान का पत्ता साथ रखकर जायें। सोमवार को दर्पण में
अपना चेहरा देखकर जायें। मंगलवार को मिष्ठान खाकर जायें।
बुधवार को हरे धनिये के पत्ते खाकर जायें। गुरूवार को सरसों के
कुछ दाने मुख में डालकर जायें। शुक्रवार
को दही खाकर जायें। शनिवार को अदरक और
घी खाकर जाना चाहिये।
• किसी भी शनिवार की शाम
को माह की दाल के दाने लें। उसपर
थोड़ी सी दही और सिन्दूर
लगाकर पीपल के वृक्ष के नीचे रख दें
और बिना मुड़कर देखे वापिस आ जायें। सात शनिवार लगातार करने से
आर्थिक
समृद्धि तथा खुशहाली बनी रहेगी।
• गृह बाधा की शांति के लिए पश्चिमाभिमुख होकर
क्क नमः शिवाय मंत्र का २१ बार या २१ माला श्रद्धापूर्वक जप
करें।
• आर्थिक परेशानियों से मुक्ति के लिए
गणपति की नियमित आराधना करें। इसके अलावा श्वेत
गुजा (चिरमी) को एक
शीशी में गंगाजल में डाल कर प्रतिदिन
श्री सूक्त का पाठ करें। बुधवार को विशेष रूप से
प्रसाद चढ़ाकर पूजा करें।

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