Thursday, May 8, 2014

सिन्दूर का चमत्कार

सिन्दूर का चमत्कार...
सिन्दूर एक ऐसी वास्तु है, जो कि हमारे
जीवन में अत्यधिक महत्व रखती है.
इसके बिना सुहागिन भी अधूरी है,और
प्रत्येक देवी देवता के पूजन में सबसे पहले
इसकी उपयोगिता सभी को मालूम है.
अर्थात बिना सिन्दूर, कुंकुम, रोली के हम इस
जीवन में
खुशियाँ भी नहीं मना सकते है.ज्योतिष
अनुसार भी सिन्दूर का अपना एक विशेष स्थान है,
और तंत्र, मन्त्र या यंत्र साधना से जुड़ें क्रिया कलापों में सिन्दूर
बहु प्रचलित सामग्री है. इसका उपयोग सामान्य
धार्मिक कर्मों से लेकर गूढ़ तांत्रिक कर्मों तक किया जाता है.
सिन्दूर के वैसे तो अनेक प्रयोग है. हमारे ऋषि मुनियों ने
मनुष्यों की भलाई के लिए शास्त्रों में किसका वर्णन
किया है.इसका सविधि एवं श्रद्धापूर्वक प्रयोग करने से अवश्य
ही मनोकामना पूर्ण हुई है.
मांग भरने से महिला के ससुराल पक्ष को ही लाभ
नहीं मिलता बल्कि उसके मायके परिवार में
भी लाभ होता है. उसके भाई- बहनों से अच्छे
सम्बन्ध होने लगते है. तथा सदभाव बढता है.
किसी भी प्रकार के भेदभाव समाप्त
हो जाते है चाहे वह ससुराल या मायके के पक्ष के हो.
जो महिला कामकाजी है यदि वो सिन्दूर से प्रतिदिन
अपनी मांग भरती है
तो उसकी उन्नति होने लगती है.
तथा घर बरकत बनी रहती है.
यदि आपके ऊपर किसी ने अभिचार कर दिया है,
अथवा भूत, प्रेत आदि उपरी बाधा से
पीड़ित है, तो अपने क्षेत्र के प्रसिद्द
श्री हनुमान मंदिर में सिन्दूर का चोला चढाना चाहिए
ऐसा पांच बार करें. सारी बाधाए एकदम समाप्त होने
लगेंगी.
अपनी तिजोरी में सिन्दूर युक्त
हत्था जोड़ी रखने से आर्थिक लाभ में वृद्धि होने
लगती है.
अपने घर के मुख्यद्वार के ऊपर सिन्दूर चढ़ी हुई
श्री गणेश
जी की प्रतिमा स्थापित करने से घर में
सुख समृद्धि एवं शान्ति बनी रहती है.
जिन व्यक्तियों को मंगली दोष है, अथवा मंगल दोष के
कारण विवाह में विलम्ब अथवा दाम्पत्य सुख में
कमी का अनुभव हो रहा हो, तो उन्हें शुक्ल
पक्ष के मंगलवार को श्री हनुमान
जी पर सिन्दूर चढ़ाना चाहिए. यह प्रयोग नौ बार करे,
तो निश्चय ही सफलता प्राप्त होगी.
यदि कोई
सरकारी बाधा या किसी अधिकारी द्वारा पीड़ित
हो रहे है तो ताम्बे का सूर्य बना कर
किसी भी रविवार को अपने बैडरूम
की पूर्वी दीवार पर टांग दे
और प्रत्येक मंगलवार उस पर
किसी भी समय
अनामिका उंगली से श्री हनुमान
जी के सिंदूर द्वारा गोल तिलक लगा दे. ऐसा करने से
समस्त बाधाए दूर होंगी और समाज में
प्रतिष्ठा बढ़ेगी.
जिन व्यक्तियों को आए दिन वाहनादि से
दुर्घटना का सामना करना पड़ रहा है, तो उन्हें मंगलवार के दिन
श्री हनुमान जी के मंदिर में सिन्दूर दान
करना चाहिए. इससे शीघ्र हो दुर्घटना का भय
आदि समाप्त होता है.
यदि आपको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़
रहा है तो, एकाक्षी नारियल पर सिन्दूर चड़ा कर उसे
लाल वस्त्र में बांधकर माँ लक्ष्मी से धन
की प्रार्थना करते हुए अपने व्यवसाय स्थल पर
रख देना चाहिए इसके प्रभाव से धन की समस्या दूर
होने के साधन बनते जायेंगे.
यदि सूर्य अथवा मंगल आपके लिए मारक ग्रह है और
उनकी महादशा या अंतर्दशा चल
रही है, तो सिन्दूर को बहते जल में प्रवाहित करें
ऐसा करने से सम्बंधित ग्रह का प्रभाव कम हो जाता है. और
सूर्य तथा मंगाल मारक न बन कर शुभ ग्रह का फल देने लगते
है.
यदि प्रतियोगी परीक्षा में आप बैठ रहे
है, तो गुरु-पुष्य योग में अथवा शुक्ल पक्ष के पुष्य योग में
श्री गणेश जी के मंदिर में सिन्दूर का दान
करने से परीक्षा में परिश्रम से अधिक
सफलता प्राप्त होगी, तथा आत्मविश्वास
की वृद्धि भी होगी.
यदि रक्त से सम्बंधित किसी रोग से आप
पीड़ित है, तो सिन्दूर को अपने ऊपर से उसारकर
बहते हुए जल में प्रवाहित करें, ऐसा करने से रोग में लाभ
मिलता है. और रोग शीघ्र शांत हो जाता है.
जिन व्यक्तियों को नजर अधिक लगती है, इन्हें
सम्भव हो सके तो प्रत्येक दिन अन्यथा मंगलवार और शनिवार
को श्री हनुमान जी के मंदिर में जाकर
उनके चरणों से थोड़ा सा सिन्दूर लेकर अपने मस्तक पर धारण
करना चाहिए ऐसा करने से नजर दोष से बचाव हो जाता है.
यदि आपके ऊपर अभिचार कर्म किये जाने
की आशंका हो, तो शनिवार को दोपहर में
किसी एकांत चौराहे पर नींबू काटकर
उसके चार फांक कर ले और उसमे सिन्दूर डाल कर उसे
चारों दिशाओं में फेंक दे. ऐसा करने से आपके शत्रु
द्वारा किया गया अभिचार कर्म पूर्ण रूप से समाप्त हो जायगा.
यदि आप कर्जों से परेशान है. अथवा व्यवसाय में बाधा उत्पन्न
हो रही हो अथवा आय में
वृद्धि नहीं हो पा रही हो, तो सिन्दूर
का यह प्रयोग आपके लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा,
एक सियार सिंगी लेकर उसे एक डिब्बी में
रख ले और उसे प्रत्येक पुष्य नक्षत्र में सिन्दूर चढाते रहे.
ऐसा करने से शीघ्र ही शुभ फल
मिलेगा.
जो महिलाए अपने परिवार और पति को स्वस्थ और आर्थिक
समस्या से मुक्त देखना चाहती है, उन्हें प्रतिदिन
अपनी मांग में सिदूर प्रातः और संध्या के समय
अवश्य भरना चाहिए. मांग में सिन्दूर भरने से शास्त्र में वर्णित
है कि जो महिला अपनी मांग नित्य प्रातः और
संध्या के समय भरती है उसका परिवार
हमेशा रोगमुक्त, भयमुक्त तथा संपन्न रहता है. औए
पति की आयु में वृद्धि होती है घर में
कभी कर्ज नहीं चढता है और वह
महिला सदा सुहागन का जीवन व्यतीत
करती है.
इस प्रकार एक सिन्दूर हमारे जीवन में अनेक
खुशियों के लेकर आता है. आज ही सिन्दूर
का उपयोग करें और अपने घर से दुर्भाग्य को दूर कर दे...

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