उबटन लगाना : उबटन में मुख्य रूप से बेसन,
हल्दी और दूध या दही का प्रयोग
होता था। जिसका उद्देश्य वधू के सौन्दर्य को प्राकृतिक रूप से
निखारना है।
हल्दी एन्टीसेप्टीक
का भी काम करती है इसलिए इस उबटन
को एकऔपचारिकता पूरी करना ना मानकर
सही मायने में उबटन का प्रयोग पूरे
शरीर पर करना चाहिए।
हमारी प्राचीन मान्यताएं व्यर्थ
नहीं बनाई गई हैं, प्रत्येक मान्यता और रस्म-
रिवाज में विज्ञान छिपा है। ऋषियों ने इन वैज्ञानिक तथ्यों को धर्म
का रूप देकर सामान्यजन से उन्हें मनवा लिया।
हल्दी और दूध या दही का प्रयोग
होता था। जिसका उद्देश्य वधू के सौन्दर्य को प्राकृतिक रूप से
निखारना है।
हल्दी एन्टीसेप्टीक
का भी काम करती है इसलिए इस उबटन
को एकऔपचारिकता पूरी करना ना मानकर
सही मायने में उबटन का प्रयोग पूरे
शरीर पर करना चाहिए।
हमारी प्राचीन मान्यताएं व्यर्थ
नहीं बनाई गई हैं, प्रत्येक मान्यता और रस्म-
रिवाज में विज्ञान छिपा है। ऋषियों ने इन वैज्ञानिक तथ्यों को धर्म
का रूप देकर सामान्यजन से उन्हें मनवा लिया।
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