Thursday, May 8, 2014

कन्या के विवाह से पूर्व कन्या के पिता और वरपक्ष दोनों ही द्वारा वस्त्र एवं आभूषण क्रय किए जाते हैं।

कन्या के विवाह से पूर्व कन्या के पिता और वरपक्ष
दोनों ही द्वारा वस्त्र एवं आभूषण क्रय किए जाते
हैं। वस्त्रों में लाल, पीले और
गुलाबी रंगों को अधिक
मान्यता दी जानी चाहिए क्योंकि लाल रंग
सौभाग्य का प्रतीक माना गया है जिसके
पीछे वैज्ञानिक तथ्य यह है कि लाल रंग
ऊर्जा का स्तोत्र है। ल़डका-ल़डकी के पहनावे में
ज्योतिष के दृष्टिकोण से देखें तो एक नए परिवार के नए
रिश्तों को जो़डने के साथ-साथ सकारात्मक
ऊर्जा की भावना को प्रधान करना है। इसके
विपरीत जब हम नीले, भूरे और काले
रंगों की मनाही करते हैं तो उसके
पीछे भी वैज्ञानिक कारण हैं। काला और
गहरा रंग नैराश्य का प्रतीक है और
ऎसी भावनाओं को शुभ कार्यो में
नहीं आने देना चाहिए। जब पहले
ही कोई नकारात्मक विचार मन में जन्म ले लेंगे
तो रिश्ते का आधार मजबूत नहीं हो सकता।

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